NAKSHA पायलट परियोजना की प्रगति की समीक्षा हेतु उपायुक्त, चंडीगढ़ श्री निशांत कुमार यादव की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्रीय सर्वेक्षण एवं ग्राउंड-ट्रुथिंग गतिविधियों की प्रगति का आकलन किया गया। इस बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त, सर्वे ऑफ इंडिया के अधिकारी, एनआईसी के प्रतिनिधि, नगर निगम चंडीगढ़ (एमसीसी), एनपीएमयू दिल्ली तथा एमपीएसईडीसी, भोपाल (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान बताया गया कि सेक्टर 2 से 17 तक लगभग 7,000 संपत्तियां हैं, जिनमें आवासीय एवं वाणिज्यिक दोनों प्रकार की इकाइयां शामिल हैं। इनमें से लगभग 4,500 संपत्तियों का NAKSHA फील्ड टीमों द्वारा ग्राउंड-ट्रुथिंग एवं सत्यापन हेतु भौतिक निरीक्षण किया जा चुका है।
वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 20 फील्ड टीमें सर्वे कार्य में लगी हुई हैं। प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के बावजूद टीमें निरंतर प्रगति कर रही हैं तथा यह अपेक्षा की जा रही है कि यह संपूर्ण प्रक्रिया 31 जनवरी, 2026 तक पूर्ण कर ली जाएगी।
उपायुक्त ने परियोजना से जुड़े सभी विभागों एवं एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की तथा पायलट परियोजना को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के महत्व पर बल दिया, जो सटीक एवं विश्वसनीय संपत्ति अभिलेख तैयार करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
चंडीगढ़ प्रशासन ने सभी निवासियों एवं संपत्ति मालिकों से अपील की है कि वे फील्ड सर्वे टीमों को पूर्ण सहयोग प्रदान करें तथा संपत्ति स्वामित्व एवं अभिलेखों से संबंधित आवश्यक विवरण मांगे जाने पर उपलब्ध कराएं, ताकि सर्वे कार्य सुचारु रूप से एवं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जा सके।
प्रशासन ने पारदर्शी एवं प्रौद्योगिकी-आधारित सुशासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए नागरिकों को आश्वस्त किया कि NAKSHA परियोजना के अंतर्गत एकत्रित किया गया डेटा निर्धारित मानदंडों के अनुसार केवल आधिकारिक प्रयोजनों के लिए ही उपयोग किया जाएगा।